एम. एस. रावत
March 16, 2021

पानी की समस्या के समाधान के लिए, लॉकडाउन में ग्रामवासियों ने खोदा कुआँ

लॉकडाउन के दौरान पानी की बढ़ती मांग ने टिंडोरी गांव में एक विश्वसनीय जल-स्रोत की कमी को उजागर कर दिया। मानसून के नालों के पास एक कुआँ खोदकर, समुदाय ने लंबे समय तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की है

February 25, 2021

उत्तराखंड जल संकट – छोटे प्रयासों द्वारा बड़े समाधान

पहाड़ों में बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन के दुष्प्रभावों के प्रति समय रहते सजग होने और जरूरी कदम उठाने की जरूरत है| छोटे-छोटे गड्ढों में प्लास्टिक शीट से पानी संचयन, पहाड़ों में व्यापक स्तर पर एक टिकाऊ और व्यावहारिक समाधान साबित हो सकता है

February 16, 2021

उथले (कम गहरे) झरनों के पुनरुद्धार से गॉंवों की पानी की जरूरतें पूरी हुई

कभी पीने के पानी के बारहमासी श्रोत रहे प्राकृतिक झरने, जिन्हें झिरिया कहा जाता है, गायब होने लगे। पुनर्जीवित और संरक्षित झरनों के पानी को अब छाना और नलों के माध्यम से वितरित किया जाता है

December 29, 2020

तालाबों के जीर्णोद्धार से हुआ कृषि का पुनरुद्धार

अच्छी बारिश के बावजूद, पानी के रख रखाव के अभाव में किसानों का पलायन हुआ। बारिश के पानी को संग्रहित करने के लिए, तालाबों को गहरा करने से पलायन रुक गया है और किसानों को सभी मौसम में फसलें उगाने में मदद मिली है

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