October 27, 2020

ग्रामीण भारत में हैंडलूम क्या केवल गरीबी बुनने में सक्षम हैं?

हमें इस बात पर विचार करने की जरूरत है, कि जो कभी ख़ुशियाँ, संस्कृति और आय बुनता था, वो हैंडलूम (हथकरघा) क्यों आज केवल गरीबी बुनता है? यदि कुछेक बाहरी तत्वों को छोड़ दें, तो यह क्यों हमारे ग्रामीण लोगों की आजीविका को बनाए रखने में असमर्थ है?

August 6, 2020

बहु-आयामी योजना से मिलेगी पूर्वोत्तर में टिकाऊ अर्थव्यवस्था बनाने में मदद

अपनी गत समय की सामाजिक अस्थिरता और आजीविका अवसरों की कमी के कारण विकास में पिछड़ गया। महामारी से क्षेत्र को एक नई अर्थव्यवस्था विकसित करने का अवसर मिला है

May 26, 2020

महामारी के बाद के विभिन्न उपाय कृषि-अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करेंगे

कृषि क्षेत्र कामगारों की कमी और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं की चुनौतियों का सामना कर रहा है। सरकारी उपायों से कृषि अर्थव्यवस्था को स्थिर किया जा सकता है और खाद्य उत्पादन में लगे सभी लोगों को संभाला जा सकता है

May 19, 2020

बहु-आयामी पद्यति से होगा खस्ताहाल ग्रामीण अर्थव्यवस्था का पुनरुत्थान

मिट्टी और जल संरक्षण पहल के अलावा, विभिन्न उपायों के द्वारा ग्रामीण उत्पादन व्यवस्था के लचीलेपन को बढ़ाना, ग्रामीण जनता को मजबूती से पांव जमाने में सहायक होगा