संजीव फंसालकर
April 15, 2021

क्या हैंडलूम व्यावहारिक रूप से लाभदायक ग्रामीण आजीविका प्रदान कर सकता है?

कुछ न कुछ कारण हैं, कि ग्रामीण हैंडलूम (हथकरघा) क्षेत्र की ओर से मुँह नहीं मोड़ा जा सकता। पूर्वोत्तर भारत से हम सीख सकते हैं कि कैसे कारिगरीपूर्ण-बुनाई आज भी आजीविका का एक आकर्षक विकल्प हो सकता है

March 25, 2021

बंगाल की पारम्परिक ‘लाख’ की बनी गुड़िया का भविष्य धुंधला है

माँग की कमी के साथ-साथ कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण, पश्चिम बंगाल में लाख (लाख कीड़े से मिलने वाला लाल रंग का कुदरती पदार्थ, जिसका उपयोग वार्निश, मोहर-सील, चूड़ियों आदि में होता है) की गुड़िया के लिए मौत की घंटी बज गई है, जब केवल एक कारीगर इस पर काम कर रहा है

August 13, 2020

ग्रामीण भारत को एक संशोधित एनजीओ क्षेत्र की आवश्यकता है

गैर-सरकारी क्षेत्र में समय की आवश्यकता है, कि सरकार ठीक काम न करने वाले गैर-सरकारी संगठनों (एन.जी.ओ.) पर पारदर्शितापूर्ण नियंत्रण रखे और उन संगठनों एवं उनकी टीमों को सम्मान देते हुए सहयोग प्रदान करे, जो ग्रामीण विकास के लिए सकारात्मक योगदान देते हैं

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