संजीव फंसालकर
April 23, 2020

कोरोना महामारी के बाद कैसे कम किया जाए ग्रामीण भारत का दर्द

राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान और महामारी के बाद, ग्रामीण संकट के स्रोतों को समझते हुए, ग्रामीण नागरिकों की पीड़ा को कम करने वाले उपायों की आवश्यकता है

April 13, 2020

‘कोरोना‘ ग्रामीण भारत और उसकी अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करेगा

लॉकडाउन के प्रभाव से शहरों में कोई आर्थिक गतिविधियां न होने के कारण, जो प्रवासी अपने मूल गांवों में वापिस आए हैं और गाँवों में रहने वाले मजदूरों के लिए आगामी महीने तकलीफदेह होंगे

March 16, 2020

अविकसित क्षेत्रों के विकास की बाधा – कुशल पेशेवरों का अभाव!

भारत के बेहद अविकसित मध्य और पूर्वी पहाड़ी आदिवासी क्षेत्रों में सेवाएँ प्रदान करने वाले अध्यापक और स्वास्थ्य-कर्मियों जैसे जमीनी-स्तर के कुशल पेशेवर बहुत कम हैं। यह एक ऐसी समस्या है, जिसका कोई आसान समाधान भी नहीं है।

March 2, 2020

पैसा एवं पुरूषत्व: ग्रामीण परिवारों में बदलती लैंगिक भूमिकाएं

एक ऐसे समय में जब कृषि से जुड़े जीवन में तनाव और आय की अनिश्चितता बढ़ रही हैं, परिवार के लिए साधन जुटाने में ग्रामीण महिलाएं भी पुरुषों के बराबर हो रही हैं, किन्तु पितृसत्ता की पकड़ ढीली होने का नाम नहीं ले रही|