Livelihoods

March 16, 2021

बुंदेलखंड में जनता और प्रशासन के आपसी सहयोग और विश्वास से प्रशस्त हुआ प्रगति का मार्ग

जनपद बाँदा के अभावग्रस्त ग्रामीण समुदाय और प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर बहुआयामी गतिविधियों के माध्यम से एक अभिनव प्रयोग किया, जो पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए प्रकाश-स्तम्भ साबित हो सकता है।

December 31, 2020

रोजगार छूट जाने के बाद महिला बुनकरों ने शुरू किए सफल भोजनालय

जब बुनाई लाभकारी नहीं रही, तो दो उद्यमी महिलाओं ने मरीजों और बीमारी से उबर रहे लोगों को इडली बेचना शुरू कर दिया।उनके नक्शेकदम पर चलते हुए, बहुत सी महिलाओं ने इस क्षेत्र को आउटसोर्सिंग के एक लोकप्रिय केंद्र के रूप में विकसित कर दिया

December 29, 2020

भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए, वसई के स्वयंसेवक ने किया तालाबों का पुनर्भरण

वसई-विरार के गांवों के स्वयंसेवकों ने उन पारम्परिक तालाबों को पुनर्जीवित किया है, जो मूल रूप से सिंचाई के लिए खोदे गए थे। इसके कारण भूमिगत जल धाराओं में पानी बढ़ा है और खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ी है

August 20, 2020

गरीबी के विरुद्ध सबसे मजबूत उपाय है, जल नियंत्रण

जब एक बार हम यह समझ लेते हैं कि एक ही उपाय हर स्थिति में कारगर नहीं होता, तो सरकार और नागरिक समाज संगठनों के लिए, देश के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में जल प्रबंधन की स्थिति-अनुसार वैसी रणनीति बनाना आसान होगा, जो सही मायनों में ग्रामीण गरीबों को लाभान्वित कर सके

May 28, 2020

लॉकडाउन दूरदराज के आदिवासी छात्रों की शैक्षणिक सीख को पलट देगा

दूरदराज के गांवों में रहने वाले पहली पीढ़ी के छात्रों के लिए, सरकार द्वारा कार्यान्वित लॉकडाउन के दौरान, घर पर रह कर पढ़ाई के लिए ऑनलाइन और सामुदायिक संसाधनों की कमी है। इस समय के नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें दोबारा वही पढ़ाई करने की ज़रूरत होगी|

May 7, 2020

कोरोना वायरस से जुड़ी भ्रांतियों के कारण, हजारों छोटे महिला मुर्गीपालक किसानों को व्यवसाय में हुआ घाटा

मुर्गी का मांस खाने से कोरोना वायरस फैलने की अफवाह के चलते, उन दस हजार से अधिक आदिवासी और दलित छोटे मुर्गीपालक किसानों को अपनी मुर्गियों को मारने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जिन्होंने सफलतापूर्वक सहकारी उद्यमों का निर्माण करते हुए गरीबी से मुक्ति पाई थी

February 10, 2020

स्थानीय आजीविकाओं से शोषणकारी श्रम-तस्करी पर लगा अंकुश

गरीब ग्रामीणों को बंधुआ प्रवासी मजदूर बनने से रोकने के लिए, ओडिशा सरकार को, बिचौलियों से मुक्ति और बेहतर मजदूरी के साथ ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम सम्बंधी नए प्रयासों को मजबूत बनाना होगा।

February 3, 2020

ग्रामीण महिलाओं ने सुजिनी कशीदाकारी को विश्व के मानचित्र पर स्थापित किया

बिहार की महिला शिल्पकारों ने कभी स्थानीय उपयोग के लिए तैयार की जाने वाली पारंपरिक कशीदाकारी सुजिनी को, आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप ढाल कर एक अंतरराष्ट्रीय आकर्षण प्रदान किया है।

January 28, 2020

तटीय किसान, दमदार घास ‘खसखस’ से दौलत कमा रहे हैं

भारत के पूर्वी तट के किसान, जो हमेशा चक्रवात और बाढ़ के साए में रहते हैं, ने खसखस की खेती से व्यावसायिक सफलता हासिल की है| खसखस, जिसे खस भी कहा जाता है, एक बारहमासी घास है, जिसके कई उपयोग हैं|

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