संजीव फंसालकर
May 13, 2021

गोमूत्र एवं मानव-मल: आस्था, लोककथाएँ और विज्ञान

जबकि चमत्कारी सामग्री के रूप में गोमूत्र पर लोकगीतों की एक झलक है, अन्य मवेशियों और मनुष्यों का अपशिष्ट, जो भरोसेमंद संसाधन भी हैं, उन्हें प्रभावकारिता के लिए जाँचना चाहिए

April 13, 2021

जैविक कपास उगाकर किसान हुए “हरित”

जैविक खेती के तरीके अपनाने के फलस्वरूप मृदा-स्वास्थ्य (मिट्टी की गुणवत्ता) में सुधार हुआ है। जैविक कपास का बाजार में उतना ही मूल्य मिलने के बावजूद, इससे किसानों के लिए खेती की लागत कम हुई है

October 6, 2020

श्योक घाटी के किसानों को है बाजार तक पहुंच का अभाव

खुबानी और सेब उगाने के बावजूद, उत्तरी लद्दाख की श्योक घाटी के किसान लाभ कमाने में असमर्थ हैं, क्योंकि संपर्क-व्यवस्था के अभाव में उनके लिए अपनी उपज बेचना मुश्किल हो जाता है

September 22, 2020

दही के उपयोग से, जमीनी स्तर के नवाचार के माध्यम से बिहार में खेती की लागत कम हुई

वैज्ञानिक रूप से अभी मान्य ने होने के बावजूद, तांबे के साथ दही का एक मिश्रण, उत्तरी बिहार के कई हिस्सों में लोकप्रिय हो गया है, क्योंकि इससे बहुत से छोटे और सीमांत किसानों की पैदावार बढ़ाते हुए, खेती की लागत में कटौती की है

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